इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए वार्डेनाफिल: उपयोग, फायदे और नुकसान
Written by Dr. Srishti Rastogi
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September 10, 2025
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संक्षेप
वार्डेनाफिल (Levitra, Staxyn) पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा है। यह लिंग में खून का बहाव बढ़ाकर इरेक्शन को आसान और टिकाऊ बनाती है, लेकिन तभी असर करती है जब यौन उत्तेजना हो। इसकी शुरुआती डोज़ आमतौर पर 10 mg होती है, जिसे सेक्स से 30–60 मिनट पहले लिया जाता है। हल्के साइड इफेक्ट्स जैसे सिरदर्द और नाक बंद होना आम हैं, जबकि गंभीर समस्याओं में लंबे समय तक इरेक्शन या अचानक दिखना या सुनाई देना बंद हो सकता है। सुरक्षित उपयोग के लिए यह दवा केवल डॉक्टर की देखरेख में ही लेनी चाहिए।
वार्डेनाफिल (Levitra, Staxyn) पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) के इलाज के लिए दी जाती है। यह लिंग में रक्त प्रवाह बढ़ाकर इरेक्शन को मजबूत और टिकाऊ बनाती है, लेकिन तभी असर करती है जब आप यौन रूप से उत्तेजित हों। इस लेख में हम इसके काम करने का तरीका, डोज़, साइड इफेक्ट्स और ज़रूरी सावधानियाँ समझेंगे।
वार्डेनाफिल क्या है?
वार्डेनाफिल एक प्रिस्क्रिप्शन दवा (डॉक्टर के पर्चे से मिलने वाली दवा) है जो पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) के इलाज के लिए दी जाती है। ED का मतलब है कि पुरुष चाहे भी तो भी यौन उत्तेजना के समय लिंग या तो पर्याप्त रूप से खड़ा नहीं होता या जल्दी ढीला हो जाता है।
- इस दवा को अक्सर Levitra और Staxyn जैसे ब्रांड नामों से जाना जाता है [1]।
- वार्डेनाफिल का सीधा काम होता है लिंग में खून का बहाव बढ़ाना। जब रक्त-नलिकाएँ रिलैक्स होती हैं तो अधिक मात्रा में खून लिंग में जाता है, जिससे इरेक्शन आसान और टिकाऊ बनता है।
- लेकिन ध्यान दें, यह कोई “उत्तेजना बढ़ाने वाली दवा” नहीं है। यह केवल तब असर करती है जब आप पहले से यौन रूप से उत्तेजित हों।
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अगर आपको ED की समस्या हो, तो सबसे पहले किससे बात करेंगे?
वार्डेनाफिल कैसे काम करती है?
हमारे शरीर में खून का बहाव बिल्कुल एक पाइप लाइन जैसा होता है। अगर पाइप में पानी का दबाव कम हो या बीच में कोई वाल्व जाम हो जाए, तो पानी ठीक से बाहर नहीं आएगा। यही हाल लिंग में खून के बहाव का होता है। वार्डेनाफिल उस खराब वाल्व (PDE-5 एंजाइम) को ब्लॉक कर देती है। जब यह वाल्व हटता है, तो खून आसानी से बहने लगता है जिससे लिंग की मांसपेशियाँ रिलैक्स होती हैं और लिंग में खून भरकर इरेक्शन मजबूत और टिकाऊ हो जाता है [2]।
क्या वार्डेनाफिल हर तरह के ED में असरदार है?
नहीं। ED एक ही कारण से नहीं होता। कई बार यह शरीर से जुड़ी समस्या होती है, तो कई बार दिमाग से।
- अगर ED का कारण ब्लड सर्कुलेशन खराब होना है (जैसे डायबिटीज, हार्ट डिज़ीज़, हाई ब्लड प्रेशर), तो वार्डेनाफिल बहुत असरदार होती है [3]।
- अगर समस्या का कारण नर्व डैमेज है (जैसे स्पाइनल कॉर्ड इंजरी), तब भी यह कुछ हद तक मदद कर सकती है।
- लेकिन अगर इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण तनाव, चिंता, रिश्तों की समस्या या डिप्रेशन है, तो दवा का असर सीमित होता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर दवा के साथ-साथ काउंसलिंग या थेरेपी की सलाह भी देते हैं [4]।
वार्डेनाफिल की सही डोज़ और इस्तेमाल क्या है?
- यह दवा 2.5 mg, 5 mg, 10 mg और 20 mg टैबलेट्स में उपलब्ध है।
- ज्यादातर पुरुषों के लिए शुरुआती डोज़ 10 mg होती है, जिसे सेक्स से लगभग 30-60 मिनट पहले लेना चाहिए।
- इसके असर का समय लगभग 5 घंटे तक रहता है [5]।
- 24 घंटे में एक से ज्यादा टैबलेट नहीं लेनी चाहिए।
- 65 साल से अधिक उम्र वालों के लिए शुरुआती डोज़ अक्सर 5 mg रखी जाती है [6]।
- ओरल डिस्पर्सिबल टैबलेट (ODT) जीभ पर रखकर घुलने दी जाती है, इसे पानी या ड्रिंक के साथ नहीं लेना चाहिए।
- यह तभी काम करेगी जब आप यौन उत्तेजना (sexual arousal) में हों, यानी बिना फोरप्ले या उत्तेजना के असर नहीं दिखेगा।
याद रखें: शराब के साथ इसे लेने से असर कम हो जाता है और साइड इफेक्ट्स का खतरा बढ़ जाता है।
वार्डेनाफिल के साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं?
आम और हल्के साइड इफेक्ट्स [7]:
- सिरदर्द
- चेहरे पर गर्मी और लालिमा
- नाक बंद होना या बहना
- पेट में जलन या अपच
ये साइड इफेक्ट्स ज्यादातर अस्थायी होते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं।
- इरेक्शन 4 घंटे से ज्यादा टिकना (Priapism): यह इमरजेंसी है और इसमें तुरंत इलाज की ज़रुरत होती है।
- अचानक नजर या सुनने की क्षमता कम होना।
- सीने में दर्द, तेज या अनियमित धड़कन।
- स्ट्रोक के लक्षण जैसे चेहरे पर सुन्नपन, बोलने या संतुलन में दिक्कत।
किन दवाओं और चीज़ों के साथ वार्डेनाफिल नहीं लेनी चाहिए?
- नाइट्रेट वाली दवाएँ (जैसे छाती के दर्द/एनजाइना की दवा): इनसे ब्लड प्रेशर अचानक बहुत गिर सकता है, जो जानलेवा हो सकता है।
- Riociguat (Adempas): यह फेफड़ों की ब्लड प्रेशर की दवा है, वर्डेनाफिल के साथ लेना खतरनाक है।
- अन्य ED की दवाएँ (Viagra, Cialis आदि): इन्हें एक साथ लेना ओवरडोज़ जैसा असर कर सकता है [8]।
- HIV, कुछ एंटीबायोटिक और एंटीफंगल की दवाएँ: इनके साथ लेने से साइड इफेक्ट्स बढ़ जाते हैं।
- ग्रेपफ्रूट जूस: यह दवा का असर और साइड इफेक्ट्स दोनों को तेज कर देता है।
- शराब: इससे दवा का असर कम हो जाता है और चक्कर, सिरदर्द या ब्लड प्रेशर गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
वार्डेनाफिल सही तरीके से और डॉक्टर की सलाह पर ली जाए तो यह काफी असरदार होती है। सबसे ज़रूरी है कि हर व्यक्ति को उसकी ज़रूरत के हिसाब से सही डोज़ मिले।
वार्डेनाफिल लेने से पहले किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
अगर आपको इनमें से कोई भी समस्या है तो पहले डॉक्टर से ज़रूर पूछें:
- हार्ट की बीमारी, अनियमित धड़कन, हाल में हार्ट अटैक या स्ट्रोक [9]
- ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा या बहुत कम होना
- आंखों की समस्या जैसे रेटिना डैमेज, Retinitis Pigmentosa, या NAION
- खून से जुड़ी बीमारियां (सिकल सेल एनीमिया, ल्यूकेमिया, मल्टिपल मायलोमा)
- लिवर या किडनी की गंभीर समस्या
- पेट में अल्सर
- लिंग का असामान्य आकार (जैसे Peyronie’s disease)
क्या वार्डेनाफिल हर किसी के लिए काम करती है?
नहीं। और हमारे समाज में तो कई पुरुष डॉक्टर के पास जाने के बजाय इसे ऑनलाइन खरीद लेते हैं, बिना डॉक्टर से पूछे, जबकि यह एक प्रिस्क्रिप्शन वाली दवा होती है। लेकिन यह प्रैक्टिस बेहद रिस्की है क्योंकि:
- नकली दवा मिलने की संभावना बहुत अधिक होती है।
- गलत डोज़ से गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
- कुछ लोग इसे शराब के साथ लेते हैं, जो बहुत खतरनाक है।
इसलिए अगर आपको लगे कि ED आपकी ज़िंदगी पर असर डाल रहा है, तो झिझक छोड़कर यूरोलॉजिस्ट या सेक्सोलॉजिस्ट से मिलें। यही सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका है। हालाँकि ज्यादातर पुरुषों को वार्डेनाफिल से फायदा होता है, लेकिन कुछ लोगों में असर कम भी हो सकता है [10]। डॉक्टर के पास जाने से यह फायदा होगा कि वे आपकी खुराक एडजस्ट कर सकते हैं, अगर डोज़ काम नहीं कर रही है तो। और कुछ मामलों में तो ED का कारण इतना जटिल होता है कि दवा अकेले काफी नहीं होती, जैसे हार्मोनल असंतुलन, नर्व डैमेज या मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या।
निष्कर्ष
वार्डेनाफिल कई पुरुषों के लिए आत्मविश्वास और यौन संतुष्टि वापस ला सकती है। लेकिन इसे हल्के में लेना खतरनाक है। यह दवा तभी सुरक्षित है जब डॉक्टर की देखरेख में ली जाए। हर किसी के लिए यह जरूरी नहीं कि तुरंत या हमेशा असर करे क्योंकि ED का असली इलाज केवल दवा में नहीं, बल्कि तनाव कम करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और डॉक्टर से खुलकर बात करने में है।
डिस्क्लेमर
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या वार्डेनाफिल Viagra से ज्यादा असरदार है?
दोनों दवाएँ (Viagra और Vardenafil) इरेक्टाइल डिसफंक्शन के इलाज के लिए होती हैं। असर व्यक्ति की सेहत और दवा पर प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है। कई रिसर्च के अनुसार वार्डेनाफिल थोड़ी जल्दी असर दिखा सकती है और कुछ पुरुषों में बेहतर टॉलरेंस देती है।
वार्डेनाफिल कितनी सुरक्षित है?
अगर इसे डॉक्टर की सलाह और सही डोज़ में लिया जाए तो वार्डेनाफिल सुरक्षित है। लेकिन हार्ट, लिवर या ब्लड प्रेशर की समस्या वाले लोगों को पहले डॉक्टर से ज़रूर परामर्श लेना चाहिए।
क्या Cialis और Vardenafil एक ही दवा हैं?
नहीं। Cialis का जेनेरिक नाम Tadalafil है, जबकि Levitra/Staxyn का जेनेरिक नाम Vardenafil है। दोनों अलग-अलग दवाएँ हैं लेकिन काम करने का तरीका (PDE-5 inhibitor) समान है।
क्या मैं 40 mg वार्डेनाफिल ले सकता हूँ?
नहीं। वार्डेनाफिल की अधिकतम सुरक्षित डोज़ 20 mg है। 40 mg लेना खतरनाक हो सकता है और साइड इफेक्ट्स का जोखिम बहुत बढ़ जाता है।
वार्डेनाफिल और Tadalafil (Cialis) में से कौन ज्यादा सुरक्षित है?
दोनों ही सुरक्षित हैं अगर डॉक्टर की निगरानी में ली जाएं। फर्क बस यह है कि Tadalafil का असर 36 घंटे तक रह सकता है जबकि Vardenafil का असर करीब 5 घंटे तक रहता है।
Sources
- 1.
Levitra (Vardenafil Hydrochloride) Tablets
- 2.
Vardenafil: a review of its use in erectile dysfunction
- 3.
Vardenafil, a New Phosphodiesterase Type 5 Inhibitor, in the Treatment of Erectile Dysfunction in Men With Diabetes: A multicenter double-blind placebo-controlled fixed-dose study
- 4.
Efficacy and tolerability of vardenafil for treatment of erectile dysfunction in patient subgroups
- 5.
Extended duration of efficacy of vardenafil when taken 8 hours before intercourse: a randomized, double-blind, placebo-controlled study
- 6.
Vardenafil is effective and well-tolerated for treating erectile dysfunction in a broad population of men, irrespective of age
- 7.
Vardenafil for the treatment of erectile dysfunction: an overview of the clinical evidence
- 8.
VARDENAFIL tablet, orally disintegrating
- 9.
Efficacy and safety of an orodispersible vardenafil formulation for the treatment of erectile dysfunction in elderly men and those with underlying conditions: an integrated analysis of two pivotal trials
- 10.
Vardenafil (Levitra) for erectile dysfunction: a systematic review and meta-analysis of clinical trial reports