लिंग खड़ा क्यों नहीं होता? आम कारण और जरूरी जानकारी
Written by Dr. Srishti Rastogi
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July 21, 2025
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संक्षेप
लिंग न खड़ा होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं – मानसिक वजहें (तनाव, चिंता, डिप्रेशन), शारीरिक कारण (ब्लड फ्लो की कमी, हार्मोनल असंतुलन, नसों की खराबी), जीवनशैली की आदतें (स्मोकिंग, शराब, नींद की कमी, मोटापा) और कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स। ज़्यादातर मामलों में ये कारण पहचान कर इलाज किया जा सकता है। अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो यह किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है, इसलिए डॉक्टर से सलाह ज़रूरी है।
लिंग (पेनिस) पुरुष शरीर का एक खास अंग होता है जो सेक्स और बच्चों को जन्म देने (प्रजनन) में काम आता है। लिंग खड़ा क्यों नहीं होता है? यह सवाल बहुत से पुरुषों के मन में आता है, खासकर तब जब वह यौन रूप से उत्तेजित होने पर भी सख्त नहीं हो पाता। जब लिंग खड़ा हो जाता है, तो इसे स्तंभन या इरेक्शन कहा जाता है। यह एक आम और नेचुरल प्रक्रिया है, जो किसी भी उम्र में हो सकती है। सच तो यह है कि लिंग का खड़ा होना सिर्फ दवाओं पर नहीं, बल्कि आपके शरीर, दिमाग और लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है।
इस लेख में हम जानेंगे:
- लिंग खड़ा कैसे होता है?
- लिंग खड़ा न होने का कारण क्या है
- लिंग को खड़ा करने और बनाए रखने के आसान तरीके
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आपके हिसाब से लिंग खड़ा न होने (ईडी) का सबसे बड़ा कारण क्या है?
लिंग कैसे खड़ा होता है? (इरेक्शन की प्रक्रिया)
- मन और दिमाग से शुरुआत होती है: जब आप किसी को देखकर, सोचकर या छूकर उत्तेजित होते हैं, तो दिमाग से एक संदेश लिंग तक जाता है।
- रक्त प्रवाह बढ़ता है: लिंग की नसें फैल जाती हैं और उसमें खूब खून भर जाता है।
- लिंग के अंदर के हिस्से (कॉर्पोरा कैवर्नोसा) खून से भरकर सख्त हो जाते हैं।
- लिंग खड़ा हो जाता है: खून कुछ देर तक वहीं रुकता है, जिससे लिंग सख्त बना रहता है।
अगर आपका मन शांत और शरीर एक्टिव है, तो लिंग का खड़ा होना अपने आप बेहतर हो जाता है।
लिंग खड़ा न होने का कारण क्या है?
अमेरिकन स्वास्थ्य संस्थान (NIH) के अनुसार, अमेरिका में 3 से 5 करोड़ पुरुषों को इरेक्शन की समस्या होती है [1]। लिंग खड़ा न होने का कारण हर पुरुष के मामले में अलग हो सकता है, लेकिन अधिकतर मामलों में ये कारण पाए जाते हैं:
- खराब ब्लड सर्कुलेशन
- कम टेस्टोस्टेरोन
- उच्च तनाव
- सिगरेट और शराब की आदत
- नींद की कमी
लिंग न खड़ा होने के मानसिक कारण
चिंता (Anxiety)
- जब मन में बहुत अधिक चिंता होती है, जैसे काम की टेंशन, रिश्तों की परेशानी, या सेक्स के दौरान अच्छा प्रदर्शन न कर पाने का डर, तो दिमाग से लिंग तक सही सिग्नल नहीं पहुँचते। इससे लिंग खड़ा नहीं हो पाता।
तनाव (Stress)
- लगातार तनाव में रहने से शरीर में कोर्टिसोल जैसे हार्मोन बढ़ जाते हैं जो सेक्स इच्छा (लिबिडो) और इरेक्शन को कमजोर बना सकते हैं [2]।
उदासी या अवसाद (Depression)
- जब इंसान डिप्रेशन में होता है, तो उसे किसी चीज़ में दिलचस्पी नहीं रहती, यहाँ तक कि सेक्स में भी नहीं। इससे लिंग में उत्तेजना नहीं आती और इरेक्शन मे प्रॉब्लम्स आती हैं [3]।
डर और शर्म (Fear & Embarrassment)
- कई बार पहली बार सेक्स करने या पिछली बार असफल रहने का डर मन में बैठ जाता है। “क्या मैं ठीक से कर पाऊँगा?”, “अगर बीच में ढीला पड़ गया तो?”, ऐसे डर इरेक्शन को रोक सकते हैं। जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार, 40 साल की उम्र के 40% और 70 साल की उम्र के 70% पुरुषों में यह समस्या देखी जाती है [4]।
लिंग न खड़ा होने के शारीरिक कारण
खून के बहाव की कमी (Poor Blood Flow)
- लिंग खड़ा होने के लिए उसमें खून का भरना जरूरी होता है। अगर दिल या खून की नसों में कोई दिक्कत है (जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या स्मोकिंग के कारण नसों में जाम), तो लिंग तक पूरा खून नहीं पहुँचता, जिससे इरेक्शन नहीं होता या जल्दी ढीला पड़ जाता है [5]।
हार्मोन की कमी (Low Testosterone)
टेस्टोस्टेरोन पुरुषों में मुख्य सेक्स हार्मोन होता है। जब इसका स्तर कम हो जाता है (उम्र बढ़ने, मोटापा या थायरॉइड जैसी बीमारियों के कारण), तो सेक्स की इच्छा कम हो जाती है और लिंग को खड़ा रखना मुश्किल हो सकता है [6]।
नसों की खराबी (Nerve Damage)
- दिमाग से लिंग तक सिग्नल पहुंचाने वाली नसें (nerves) अगर किसी चोट, सर्जरी, डायबिटीज, रीढ़ की हड्डी की समस्या या बहुत ज़्यादा साइक्लिंग जैसी चीज़ों से खराब हो जाएं, तो लिंग को सिग्नल ही नहीं मिलेगा। बिना उस सिग्नल के लिंग खड़ा नहीं हो सकता।
जीवनशैली और आदतें: लिंग खड़ा न होने के छुपे कारण
स्मोकिंग और शराब पीना
- स्मोकिंग: सिगरेट में मौजूद निकोटीन और अन्य केमिकल्स खून की नसों को संकरा कर देते हैं। जब खून लिंग तक सही मात्रा में नहीं पहुँच पाता, तो इरेक्शन कमजोर हो जाता है।
- शराब: थोड़ी मात्रा में शराब रिलैक्स कर सकती है, लेकिन ज्यादा शराब नर्वस सिस्टम को सुस्त कर देती है। इससे दिमाग से मिलने वाले उत्तेजना के सिग्नल कमजोर हो जाते हैं और इरेक्शन आने या बने रहने में दिक़्क़त होती है [7]।
नींद की कमी
- नींद हार्मोन बैलेंस के लिए बेहद जरूरी है।
- अगर रोज़ाना 6–7 घंटे से कम नींद मिलती है, तो टेस्टोस्टेरोन (पुरुष यौन हार्मोन) का स्तर घट सकता है।
- खराब नींद से तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) बढ़ता है, जिससे इरेक्शन की समस्या और गंभीर हो सकती है [8]।
मोटापा और व्यायाम की कमी
- मोटापा: पेट के आस-पास चर्बी बढ़ने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन खराब होता है। इसके अलावा, मोटापा टेस्टोस्टेरोन लेवल भी घटाता है।
- व्यायाम की कमी: अगर शरीर एक्टिव नहीं है, तो नसों की लचक और खून का बहाव दोनों कमजोर हो जाते हैं। यही कारण है कि फिट और एक्टिव पुरुषों में इरेक्शन की समस्या अपेक्षाकृत कम पाई जाती है।
खराब खानपान
- जंक फूड, तैलीय खाना और ज्यादा मीठा खाने से दिल और नसों की सेहत बिगड़ती है।
- खून में कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल बढ़ने से नसों में जाम लग सकता है, जिससे लिंग तक खून का बहाव रुक जाता है।
- ताजे फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज, नट्स और ओमेगा-3 युक्त मछली इरेक्शन के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
दवाओं के साइड इफेक्ट्स: लिंग खड़ा न होने के आम कारण
कुछ दवाएँ ऐसी होती हैं जिनका असर सीधे इरेक्शन पर पड़ता है। ये दवाएँ नसों, हार्मोन और ब्लड फ्लो पर प्रभाव डालती हैं।
एंटीडिप्रेसेंट दवाएँ
- SSRIs और SNRIs जैसी दवाएँ (जो डिप्रेशन और चिंता में दी जाती हैं) दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर को बदल देती हैं।
- इससे यौन इच्छा (लिबिडो) कम हो सकती है और इरेक्शन आने में दिक्कत हो सकती है [9]।
ब्लड प्रेशर की दवाएँ
- कुछ बीपी दवाएँ (जैसे बीटा-ब्लॉकर्स, डाययूरेटिक्स) नसों को रिलैक्स करती हैं ताकि ब्लड प्रेशर कम हो सके।
- लेकिन इसका असर यह होता है कि लिंग तक खून का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे इरेक्शन कमजोर पड़ सकता है।
हार्मोनल दवाएँ
- ऐसी दवाएँ जो टेस्टोस्टेरोन को कम करती हैं (जैसे प्रोस्टेट कैंसर की दवाएँ), वे भी यौन इच्छा और इरेक्शन पर असर डालती हैं।
अन्य दवाएँ
- कुछ एंटीहिस्टामिन्स, एंटीसाइकोटिक्स, और कीमोथेरेपी की दवाएँ भी साइड इफेक्ट के तौर पर इरेक्शन की समस्या पैदा कर सकती हैं [10]।
हर दवा का असर हर व्यक्ति पर अलग होता है। अगर किसी दवा को लेने के बाद इरेक्शन की समस्या शुरू हुई है, तो इसे अनदेखा न करें। डॉक्टर से बात करें। वे आपकी दवा की खुराक बदल सकते हैं या कोई दूसरा विकल्प दे सकते हैं।
लिंग खड़ा न होने के समाधान और इलाज
जीवनशैली सुधार
- संतुलित खानपान: अनार, लहसुन, पालक, नट्स, मछली
- रोज़ाना व्यायाम और योग: वॉक, कीगल, योगासन
- तनाव कम करना: मेडिटेशन, गहरी साँस
- नशा छोड़ना: स्मोकिंग और शराब
- पूरी नींद लेना
मेडिकल इलाज (केवल डॉक्टर की सलाह से)
- PDE5 inhibitors: Viagra, Cialis, Levitra
- हार्मोन थेरेपी: Low testosterone के केस में
- लिंग इंजेक्शन या सपोजिटरी
- पेनिस पंप और रिंग
- पेनाइल इंप्लांट सर्जरी (जब बाकी विकल्प न काम करें)
ध्यान रखने वाली बातें
- इरेक्शन एक नेचुरल प्रोसेस है: लिंग का खड़ा होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसकी मजबूती और समय हर आदमी में अलग-अलग हो सकता है।
- हर इंसान अलग है: किसी का इरेक्शन जल्दी ढीला हो सकता है, तो किसी का देर तक बना रह सकता है। इसमें शर्मिंदगी की कोई बात नहीं है।
- अगर बार-बार दिक्कत हो रही हो, तो अनदेखा न करें: अगर आपको बार-बार इरेक्शन की समस्या है, तो यह आपके शरीर में किसी और बीमारी का संकेत हो सकता है।
- इलाज और उपाय मौजूद हैं: सही खानपान, एक्सरसाइज, तनाव कम करना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से इलाज लेना मददगार होता है।
निष्कर्ष
पुरुष की सेहत में उसकी सेक्स क्षमता भी ज़रूरी होती है। अगर आप हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाते हैं, तनाव कम रखते हैं और इरेक्शन से जुड़ी बातें समझते हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ बेहतर हो सकती है। और अगर आपको बार-बार परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही कदम है।
डिस्क्लेमर
निम्नलिखित लेख विभिन्न विषयों पर सामान्य जानकारी प्रदान करता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रस्तुत की गई जानकारी किसी विशिष्ट क्षेत्र में पेशेवर सलाह के रूप में नहीं है। यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इस लेख को किसी भी उत्पाद, सेवा या जानकारी के समर्थन, सिफारिश या गारंटी के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। पाठक इस ब्लॉग में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए निर्णयों और कार्यों के लिए पूरी तरह स्वयं जिम्मेदार हैं। लेख में दी गई किसी भी जानकारी या सुझाव को लागू या कार्यान्वित करते समय व्यक्तिगत निर्णय, आलोचनात्मक सोच और व्यक्तिगत जिम्मेदारी का प्रयोग करना आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या बार-बार हस्तमैथुन करने से लिंग खड़ा होना कमजोर हो जाता है?
नहीं, सामान्य मात्रा में हस्तमैथुन करने से लिंग की कार्यक्षमता पर कोई स्थायी असर नहीं होता। लेकिन अगर इसकी वजह से आपको यौन उत्तेजना या इरेक्शन में परेशानी हो रही है, तो थोड़ी दूरी और संतुलन ज़रूरी है।
क्या ज़्यादा मोबाइल या पोर्न देखने से स्तंभन पर असर पड़ता है?
हां, लगातार पोर्न देखने से दिमाग की उत्तेजना प्रतिक्रिया बदल सकती है, जिससे असली रिश्तों में उत्तेजना महसूस नहीं होती और लिंग खड़ा होने में कठिनाई हो सकती है।
क्या सुबह का इरेक्शन स्वास्थ्य का संकेत है?
बिल्कुल! सुबह उठते समय लिंग का खड़ा होना (जिसे नॉक्टर्नल इरेक्शन कहते हैं) सामान्य है और यह बताता है कि नसें और रक्त प्रवाह सही से काम कर रहे हैं।
क्या इरेक्शन से जुड़ी समस्या हमेशा सेक्स से पहले ही पता चलती है?
नहीं। कई बार समस्या तब दिखती है जब व्यक्ति सेक्स के लिए तैयार होता है लेकिन तनाव, थकान, या किसी और कारण से लिंग खड़ा नहीं होता।
क्या कोई उम्र के बाद लिंग का खड़ा होना बंद हो जाता है?
उम्र बढ़ने से हार्मोन कम हो सकते हैं और नसों का कार्य धीमा हो सकता है, लेकिन सही लाइफस्टाइल और इलाज से उम्र के बाद भी लिंग खड़ा हो सकता है।
Sources
- 1.
Definition & Facts for Erectile Dysfunction
- 2.
Is cortisol an endogenous mediator of erectile dysfunction in the adult male?
- 3.
Erectile Dysfunction and Depression: A Systematic Review and Meta-Analysis
- 4.
18 Million Men in the United States Affected by Erectile Dysfunction
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Erectile dysfunction and diabetes: A melting pot of circumstances and treatments
- 6.
Relationship Between Testosterone and Erectile Dysfunction
- 7.
A Meta-Analysis of Erectile Dysfunction and Alcohol Consumption
- 8.
Short Sleep Duration and Erectile Dysfunction: A Review of the Literature
- 9.
Antidepressant-associated sexual dysfunction: impact, effects, and treatment
- 10.
Medications Most Commonly Associated With Erectile Dysfunction: Evaluation of the Food and Drug Administration National Pharmacovigilance Database