लिंग खड़ा करने की दवा: टेबलेट, कैप्सूल और तेल
Written by Dr. Srishti Rastogi
Dr. Srishti Rastogi is a medical writer and healthcare professional dedicated to high-quality patient education and public health awareness. Leveraging her clinical background, she produces deeply researched, evidence-based content for digital health platforms and medical publications. Dr. Srishti’s unique dual perspective as a clinician and communicator allows her to craft content that builds trust and credibility with readers navigating sensitive health topics.
•
June 22, 2025
Our experts continually monitor the health and wellness space, and we update our articles when new information becomes available.
संक्षेप
लिंग खड़ा करने की असरदार टेबलेट्स में सिल्डेनाफिल (Viagra), टाडालाफिल (Cialis), वार्डेनाफिल और अवानाफिल शामिल हैं, जो उत्तेजना के समय खून का बहाव बढ़ाकर इरेक्शन में मदद करती हैं। हर दवा का असर, समय और साइड इफेक्ट अलग होते हैं, इसलिए सही विकल्प आपकी सेहत और ज़रूरत पर निर्भर करता है। अगर सेक्स की इच्छा ही कम है, तो टेस्टोस्टेरोन थेरेपी या अन्य विकल्प ज़रूरी हो सकते हैं। कोई भी दवा डॉक्टर से सलाह लेकर ही लें, यही सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका है।
जब बार-बार कोशिश के बावजूद लिंग खड़ा नहीं होता, तो लोगों के लिए यह सिर्फ एक शारीरिक परेशानी नहीं रहती, यह उनके आत्मविश्वास, रिश्तों और मानसिक शांति पर भी असर डालने लगती है। कई मामलों में यह स्थिति इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) हो सकती है, जिसके बारे में ज्यादातर पुरुष खुलकर बात नहीं कर पाते। वे डॉक्टर से बात करने की बजाय चुपचाप इंटरनेट पर दवा ढूंढना शुरू कर देते हैं, किसी ऐसी गोली की उम्मीद में जो बिना सवाल-जवाब के काम कर जाए। अगर आप भी इस उलझन से जूझ रहे हैं और जानना चाहते हैं कि कौन-सी पेनिस टाइट करने की दवा आपके लिए असरदार, सुरक्षित और समझदारी भरा विकल्प हो सकती है, तो यह लेख आपके लिए है। यहां आपको आपके सारे सवालों के जवाब मिलेंगे, जिससे आप बिना डर और भ्रम के अपना इलाज समझदारी से चुन सकें।
लिंग खड़ा क्यों नहीं होता?
लिंग का खड़ा न हो पाना कई कारणों से हो सकता है। सबसे बड़ा कारण होता है जब शरीर में लिंग तक ठीक से खून नहीं पहुंच पाता है। यह आमतौर पर तब होता है जब व्यक्ति को दिल की बीमारी, डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर, या मोटापा हो। मानसिक कारण जैसे चिंता, तनाव, या आत्मविश्वास की कमी से भी लिंग के खड़े होने में दिक्कतें आ सकती हैं [1]। कभी-कभी सेक्स की इच्छा यानी "लिबिडो" में भी गिरावट आ जाती है, जो हार्मोन की कमी से हो सकता है।
लिंग खड़ा होने की दवाइयां कैसे काम करती हैं?
लिंग खड़ा करने की गोली ज्यादातर "PDE5 inhibitors" नाम की दवाएं होती हैं। ये शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के असर को बढ़ाती हैं, जिससे लिंग की नसें फैलती हैं और खून का बहाव बढ़ता है, जिसकी वजह से जब आप सेक्स के लिए उत्तेजित होते हैं, तो लिंग में ज्यादा खून आता है और वह खड़ा हो जाता है [2]। लेकिन ध्यान रहे, ये दवाएं तभी असर करती हैं जब आप उत्तेजित हों, बिना उत्तेजना के दवा बेअसर रहेगी।
सबसे असरदार लिंग खड़ा करने वाली दवाएं
- सिल्डेनाफिल (Viagra):
यह सबसे पुरानी और सबसे लोकप्रिय लिंग खड़ा करने की गोली है [4]। इसे सेक्स से 30-60 मिनट पहले लेना होता है और इसका असर 4-6 घंटे तक रहता है। इसकी कीमत भी आमतौर पर कम होती है, खासकर अगर आप इसका जेनरिक रूप ले रहे हैं तो। लेकिन कुछ लोगों को इससे सिरदर्द, पेट की तकलीफ या नजर धुंधली दिख सकती है।
- टाडालाफिल (Cialis):
इसे 'वीकेंड पिल' भी कहा जाता है क्योंकि इसका असर 24-36 घंटे तक रह सकता है। यानी एक गोली आपको दो दिन के लिए तैयार कर सकती है [5]। इसे कभी-कभी रोज़ाना कम डोज़ में भी लिया जाता है, जिससे हर वक्त एक्टिव रहने की सुविधा मिलती है।
- वार्डेनाफिल (Levitra):
यह दवा सिल्डेनाफिल की तरह ही काम करती है लेकिन कुछ मामलों में इसके साइड इफेक्ट्स थोड़े कम हो सकते हैं। इसका असर करीब 4-5 घंटे तक रहता है [6]। साइड इफेक्ट्स कम होने की वजह से जिन लोगों को पाचन की समस्या है, उन्हें यह बेहतर विकल्प लग सकता है।
- अवानाफ़िल (Stendra):
यह सबसे तेजी से पेनिस टाइट करने की दवा है, सिर्फ 15 मिनट में असर दिखा सकती है और इसका असर करीब 6 घंटे तक चलता है [7]। इसके साइड इफेक्ट्स भी थोड़े कम होते हैं, लेकिन यह थोड़ी महंगी मिल सकती है [8]। टेस्टोस्टेरोन थेरेपी और अन्य विकल्प: अगर किसी पुरुष में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी है, तो डॉक्टर टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की सलाह दे सकते हैं [9]। यह थेरेपी जेल, क्रीम, कैप्सूल या इंजेक्शन के रूप में मिलती है। लेकिन इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी होता है, क्योंकि इससे आपके दिल पर भी असर हो सकता है। अल्प्रोस्टाडिल (Alprostadil): जिन लोगों पर PDE5 इन्हिबिटर्स काम नहीं करती या सुरक्षित नहीं है, उनके लिए अल्प्रोस्टाडिल एक अच्छा विकल्प हो सकती है। यह इंजेक्शन या सपोजिटरी के रूप में आती है और सीधे लिंग पर काम करती है [10]।
कौन सी दवा आपके लिए सही है?
नीचे हम सिर्फ यह बता रहे हैं कि आपकी ज़रूरत और लक्षणों के आधार पर कौन-सी दवा आमतौर पर बेहतर मानी जाती है। लेकिन हर इंसान का शरीर अलग होता है, और कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद ज़रूरी है। खासकर अगर आपको हार्ट, लिवर, किडनी या ब्लड प्रेशर से जुड़ी कोई समस्या है, तो खुद से कोई भी दवा बिलकुल न लें। अब आइए, समझते हैं कि आपकी ज़रूरत के हिसाब से कौन-सी दवा सही हो सकती है:
आपकी ज़रुरत
सही दवा
जल्दी असर चाहिए
सिल्डेनाफिल (viagra)
लंबे समय तक असर चाहिए
टाडालाफिल (cialis)
ज्यादा साइड इफेक्ट्स नहीं चाहिए
वर्डेनाफिल (Levitra)
गोली असर नहीं कर रही है
अल्प्रोस्टाडिल (injection/suppository )
सेक्स की इच्छा ही नहीं हो रही है
टेस्टोस्टेरोन थेरेपी
मैं अक्सर मरीजों से कहता हूं कि इलाज में देरी करने से ज़्यादा नुकसान दवा खुद से लेने से होता है। पहले समझिए, फिर डॉक्टर की सलाह से सही कदम उठाइए।
क्या हार्ट अटैक के बाद लिंग खड़ा होने की गोली लेना सुरक्षित है?
अगर आपने हाल ही में हार्ट अटैक झेला है, बाईपास सर्जरी करवाई है या स्टेंट डलवाया है, तो लिंग खड़ा होने की गोली लेने से पहले सावधानी ज़रूरी है, क्योंकि इन दवाओं को कुछ हार्ट की दवाओं के साथ लेना खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर अगर आप नाइट्रेट्स ले रहे हैं, जैसे नाइट्रोग्लिसरीन या आइसोसॉर्बाइड मोनोनाइट्रेट, तो इन दवाओं को साथ में लेना आपके ब्लड प्रेशर को खतरनाक रूप से गिरा सकता है [11]। ऐसे मामलों में पेनिस टाइट करने की दवाएं लेना सुरक्षित नहीं माना जाता। हालांकि, अगर आपकी हार्ट कंडीशन अब स्थिर है और आप नाइट्रेट्स नहीं ले रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बाद कुछ ED दवाएं लेना सुरक्षित हो सकता है। एक 2017 की स्टडी के मुताबिक, जिन पुरुषों ने हार्ट अटैक के बाद PDE5 inhibitors लीं, उनमें मृत्यु का जोखिम कम पाया गया। वहीं अलप्रोस्टाडिल से ऐसा कोई फायदा नहीं देखा गया [12]।
लिंग खड़ा करने की दवाओं से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई
- इन दवाओं की लत लग जाती है
नहीं, इन दवाओं की लत नहीं लगती। ये नशे वाली दवाएं नहीं होतीं। लेकिन अगर आप हर बार सिर्फ दवा के भरोसे सेक्स करने लगें, तो मानसिक रूप से इसकी आदत सी बन सकती है। इसलिए दवा का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और अगर ज़रूरत हो तो डॉक्टर से काउंसलिंग भी लें।
- गोली खाते ही लिंग अपने आप खड़ा हो जाएगा
नहीं, इन दवाओं का असर तभी होता है जब आप सेक्सुअली उत्तेजित होते हैं। ये कोई ऑटोमेटिक बटन नहीं हैं। अगर उत्तेजना नहीं है, तो दवा भी असर नहीं करेगी।
- युवाओं को ये दवाएं नहीं लेनी चाहिए
अगर किसी युवा को बार-बार लिंग के खड़े होने की समस्या हो रही है, तो पहले कारण समझना ज़रूरी है। कई बार तनाव, पोर्न की लत, या आत्मविश्वास की कमी इसके पीछे होती है। ऐसे में सीधा दवा लेना सही नहीं होता। युवाओं को पहले मनोवैज्ञानिक या सेक्सोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।
- अगर एक बार दवा खा ली, तो हमेशा खानी पड़ेगी
ज़रूरी नहीं। बहुत से पुरुष कुछ समय तक दवा लेकर अपने आत्मविश्वास और रिलेशनशिप में सुधार लाते हैं, और बाद में बिना दवा के भी नॉर्मल सेक्स कर पाते हैं। तो यह ज़रूरी नहीं है कि आपको ज़िंदगी भर गोली लेनी पड़ेगी। लिंग का खड़ा न होना एक आम समस्या है और इसका इलाज मुमकिन है। हालांकि इस लेख में हमने लिंग खड़ा करने वाली दवाओं के बारे में जानकारी दी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप इन्हें खुद से लेना शुरू कर दें। हर व्यक्ति की सेहत और ज़रूरत अलग होती है, इसलिए अपनी सेहत से खिलवाड़ करने के बजाय कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है। सही दवा, सही सलाह और सही समय पर इलाज ही सबसे बेहतर रास्ता है।
डिस्क्लेमर
निम्नलिखित ब्लॉग लेख में चिकित्सा उपचार और हस्तक्षेप पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रदान की गई जानकारी केवल सामान्य शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर का मार्गदर्शन लें। चिकित्सा उपचार जटिल हैं और उसे व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। इस ब्लॉग में प्रस्तुत जानकारी हर किसी पर लागू नहीं हो सकती है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की चिकित्सा स्थिति, इतिहास और ज़रूरतें अद्वितीय हैं। केवल एक योग्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर ही आपकी विशिष्ट चिकित्सा स्थिति का मूल्यांकन कर सकता है, प्रासंगिक कारकों पर विचार कर सकता है, और निदान, उपचार विकल्प और निगरानी के लिए उचित सिफारिशें प्रदान कर सकता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि स्व-निदान, स्व-दवा, या उपचार निर्णयों के लिए केवल इस ब्लॉग में दी गई जानकारी पर निर्भर रहने से गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या लिंग खड़ा करने की दवाएं हमेशा 100% असर करती हैं?
हर व्यक्ति की बॉडी केमिस्ट्री अलग होती है। इसलिए ये दवाएं कुछ लोगों में बहुत अच्छा असर करती हैं, जबकि कुछ में कम। अगर पहली बार में असर न दिखे, तो डॉक्टर से दवा की डोज़ या विकल्प बदलने के लिए सलाह लें।
क्या इन दवाओं को खाना खाली पेट लेना चाहिए या खाने के बाद?
कुछ दवाएं जैसे सिल्डेनाफिल (Viagra) खाली पेट बेहतर असर करती हैं, जबकि हैवी फैटी मील इनके असर को कम कर सकती है। दूसरी ओर, टाडालाफिल (Cialis) खाने के साथ भी ली जा सकती है। डॉक्टर इस बारे में स्पष्ट निर्देश दे सकते हैं।
क्या घरेलू नुस्खे या सप्लिमेंट्स भी Viagra जैसे असर कर सकते हैं?
कुछ हर्बल सप्लिमेंट्स जैसे ginseng, maca root या L-arginine का असर देखा गया है, लेकिन इनकी वैज्ञानिक पुष्टि सीमित है। इनके साइड इफेक्ट्स और दवाओं से इंटरैक्शन की भी संभावना होती है, इसलिए इनका उपयोग भी डॉक्टर की सलाह से करें।
क्या इरेक्शन बढ़ाने की दवाएं प्रजनन क्षमता पर असर डालती हैं?
PDE5 inhibitors आमतौर पर शुक्राणु की गुणवत्ता या मात्रा को प्रभावित नहीं करतीं। लेकिन अगर टेस्टोस्टेरोन थेरेपी ली जा रही है, तो वह लंबे समय में स्पर्म प्रोडक्शन को प्रभावित कर सकती है। फैमिली प्लानिंग से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
कौन-सी दवा मेरे लिए सबसे सही है?
यह आपकी सेहत, उम्र, लक्षण और जीवनशैली पर निर्भर करता है। सही विकल्प का फैसला सिर्फ डॉक्टर ही कर सकते हैं। इसीलिए बिना सलाह खुद से कोई दवा न लें।
Sources
- 1.
Erectile Dysfunction
- 2.
Erectile dysfunction: Viagra and other oral medications
- 3.
Phosphodiesterase-5 (PDE5) Inhibitors in the Treatment of Erectile Dysfunction: A Review
- 4.
Sildenafil
- 5.
Tadalafil in the treatment of erectile dysfunction
- 6.
Vardenafil for the treatment of erectile dysfunction: an overview of the clinical evidence
- 7.
Avanafil for erectile dysfunction in elderly and younger adults: differential pharmacology and clinical utility
- 8.
Avanafil for the treatment of erectile dysfunction
- 9.
Testosterone Therapy Improves Erectile Function and Libido in Hypogonadal Men
- 10.
Efficacy and safety of intracavernosal alprostadil in men with erectile dysfunction. The Alprostadil Study Group
- 11.
A New Perspective on the Nitrate-Phosphodiesterase Type 5 Inhibitor Interaction
- 12.
Benefits of Tadalafil and Sildenafil on Mortality, Cardiovascular Disease, and Dementia
Why Should You Trust Us?
Why Should You Trust Us?
This article was written by Dr. Srishti Rastogi, who has more than 1 years of experience in the healthcare industry.
Allo has the expertise of over 50+ doctors who have treated more than 1.5 lakh patients both online and offline across 30+ clinics.
Our mission is to provide reliable, accurate, and practical health information to help you make informed decisions.
For This Article
- We reviewed over 20 top-ranking articles and medical websites to ensure this content is accurate, updated, and aligned with what readers are actually searching for.
- We referenced leading medical sources and research papers on PDE5 inhibitors (like Viagra, Cialis, Levitra) and testosterone therapy to explain how these medications work.
- We analyzed more than 8 published scientific studies to differentiate between myths and medically-backed facts about erection pills.
- We studied real user conversations across platforms like Reddit, Quora, and YouTube to understand the most common concerns, fears, and misinformation men face when searching for solutions.
- We simplified complex medical insights into easy-to-understand language, so you can make informed decisions without fear, confusion, or stigma.