Erectile Dysfunction / Erectile Dysfunction Symptoms In Hindi

Erectile Dysfunction Symptoms in Hindi: कैसे पहचानें इरेक्शन की समस्या

Written by Dr. Srishti Rastogi
December 22, 2025
Erectile Dysfunction Symptoms in Hindi: कैसे पहचानें इरेक्शन की समस्या

इरेक्शन से जुड़ी समस्या को अक्सर पुरुष हल्के में ले लेते हैं या शर्म की वजह से उस पर बात करने से बचते हैं। कभी-कभार इरेक्शन में कमी आना सामान्य हो सकता है, लेकिन जब यह परेशानी बार-बार होने लगे, तो यह सिर्फ यौन समस्या नहीं रह जाती। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) पुरुषों में पाई जाने वाली एक आम लेकिन गंभीर स्थिति है, जो शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और रिश्तों, तीनों को प्रभावित कर सकती है। इस लेख में हम सरल भाषा में समझेंगे कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या है, इसके लक्षण कैसे पहचानें, कब यह गंभीर संकेत बन सकता है और इसका आपके पूरे स्वास्थ्य से क्या संबंध है, ताकि समय रहते सही कदम उठाया जा सके।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या है?

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile Dysfunction), जिसे आमतौर पर नपुंसकता कहा जाता है, पुरुषों में पाई जाने वाली एक सामान्य यौन समस्या है।[1] इस स्थिति में पुरुष को यौन संबंध के दौरान लिंग में पर्याप्त इरेक्शन पाने या बनाए रखने में कठिनाई होती है। हालांकि कभी-कभार इरेक्शन की समस्या होना सामान्य है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। यह किसी अंदरूनी शारीरिक या मानसिक बीमारी का संकेत हो सकता है। यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इसके होने की संभावना बढ़ जाती है।

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क्या आप जानते थे कि ED दिल या डायबिटीज़ जैसी बीमारी का संकेत हो सकता है?

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के मुख्य लक्षण

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) के लक्षण समय के साथ अलग-अलग हो सकते हैं। ये संकेत पुरुषों को यह बताते हैं कि यौन स्वास्थ्य में कुछ समस्या हो सकती है।[2] मुख्य लक्षण हैं:

1. इरेक्शन पाने में कठिनाई

कई पुरुषों को यौन उत्तेजना होने के बावजूद लिंग में इरेक्शन नहीं आता। यह लक्षण अक्सर सबसे पहला और स्पष्ट संकेत होता है कि ED की समस्या हो सकती है। कभी-कभी थकान या तनाव से भी ऐसा हो सकता है, लेकिन बार-बार होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

2. इरेक्शन बनाए रखने में समस्या

कुछ लोगों को इरेक्शन आ तो जाता है, लेकिन सेक्स के दौरान या शुरू होने से पहले वह ढीला पड़ जाता है। यह ED का सबसे आम लक्षण है और यौन संतोष को प्रभावित करता है।

3. कभी-कभी ही इरेक्शन होना

कई पुरुषों में इरेक्शन अस्थायी रूप से आता है। इसका मतलब है कि कभी-कभी यौन संबंध सफल हो जाते हैं, लेकिन हर बार नहीं। यह अनियमित या अस्थिर इरेक्शन ED का संकेत हो सकता है।

4. पर्याप्त कठोरता न होना

इरेक्शन आ जाता है, लेकिन वह सेक्स के लिए पर्याप्त मजबूत या टिकाऊ नहीं होता। यह समस्या खासकर शुरुआती इरेक्शन के समय या सेक्स के दौरान महसूस होती है।

5. यौन इच्छा (लिबिडो) में कमी

ED केवल इरेक्शन तक सीमित नहीं होता। कई पुरुषों में सेक्स के प्रति रुचि या इच्छा कम हो जाती है, जिससे यौन जीवन और रिश्तों पर असर पड़ता है।

6. सुबह के इरेक्शन में कमी

स्वाभाविक रूप से पुरुषों को नींद से जागने पर इरेक्शन (Morning Erections) होता है। अगर यह कम या पूरी तरह बंद हो गया है, तो यह शारीरिक या हार्मोनल समस्या का संकेत हो सकता है।

मरीजों से मेरी यही सलाह रहती है कि शर्म की वजह से चुप न रहें। इरेक्शन की समस्या पर बात करना पहला और सबसे ज़रूरी कदम होता है, क्योंकि मदद तभी मिलती है जब आप पूछते हैं।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से जुड़े मानसिक लक्षण

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) केवल शारीरिक समस्या नहीं है। यह मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल सकता है। कई पुरुषों में ED के कारण यौन जीवन प्रभावित होने के साथ-साथ तनाव, चिंता और आत्म-संकोच जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।[3]

1. यौन प्रदर्शन को लेकर चिंता और तनाव

ED होने पर पुरुष अक्सर यौन संबंध के दौरान असफल होने का डर महसूस करते हैं। यह चिंता बढ़ती जाती है और नए अवसरों पर भी डर और तनाव पैदा कर सकती है।

2. आत्मविश्वास में कमी

बार-बार असफलता का अनुभव पुरुषों में आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास को कम कर देता है। यह न केवल यौन जीवन बल्कि रोजमर्रा की गतिविधियों और कामकाजी जीवन को भी प्रभावित कर सकता है।

3. शर्मिंदगी और अपराधबोध

कई पुरुष इस समस्या के बारे में खुलकर बात नहीं कर पाते। शर्म और अपराधबोध की भावना उन्हें सामाजिक और यौन रिश्तों से दूरी बनाने पर मजबूर कर सकती है।

4. साथी के साथ भावनात्मक दूरी

ED के कारण पुरुष और उनके साथी के बीच भावनात्मक और शारीरिक दूरी बढ़ सकती है। यह रिश्तों में तनाव और गलतफहमी पैदा कर सकता है।

5. असफलता के डर से अंतरंगता से बचना

ED की समस्या के कारण कई पुरुष संबंध बनाने या अंतरंग होने से बचने लगते हैं, जिससे रिश्तों में दूरी और यौन जीवन में असंतोष बढ़ जाता है।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के गंभीर चेतावनी संकेत

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) केवल यौन स्वास्थ्य की समस्या नहीं है। कुछ लक्षण गंभीर अंदरूनी बीमारियों का संकेत भी हो सकते हैं। ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

1. रात या सुबह के इरेक्शन का पूरी तरह न होना

सामान्यतः पुरुषों को नींद के दौरान या सुबह स्वाभाविक इरेक्शन होते हैं। अगर यह पूरी तरह गायब हो गया है, तो यह शारीरिक कारण जैसे रक्त संचार की समस्या या नसों की कमजोरी का संकेत हो सकता है।

2. जननांग या नितंब क्षेत्र में सुन्नपन

इरेक्शन के साथ-साथ इस क्षेत्र में सुन्नपन या झुनझुनी महसूस होना कोई नसों से जुड़ी समस्या की चेतावनी हो सकती है। इसे गंभीरता से लेना जरूरी है।

3. चलने पर पैरों में दर्द या ऐंठन के साथ ED

यदि पैरों में चलने या एक्सरसाइज के दौरान दर्द, ऐंठन या थकान के साथ ED हो रहा है, तो यह Peripheral Artery Disease से जुड़ा हो सकता है।[4] इसका मतलब है कि शरीर के खून के बहाव में कोई प्रॉब्लम है, जो लिंग तक खून पहुंचने में रुकावट डालती है।

4. अचानक और तेज़ी से बढ़ती समस्या

ED का अचानक और तेजी से बढ़ना किसी गंभीर हृदय रोग, मधुमेह या हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में समय पर डॉक्टर से संपर्क करना बेहद आवश्यक है। नोट: इन चेतावनी संकेतों के मिलने पर, केवल यौन स्वास्थ्य विशेषज्ञ नहीं, बल्कि कार्डियोलॉजिस्ट या एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से भी जांच कराना फायदेमंद होता है।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कब गंभीर समस्या बन जाता है?

अगर इरेक्शन की समस्या:

  • कई हफ्तों या महीनों तक बनी रहे
  • डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग के साथ हो
  • मानसिक तनाव या डिप्रेशन का कारण बन रही हो
  • किसी दवा के सेवन के बाद शुरू हुई हो [5]

तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और आपके पूरे स्वास्थ्य का कनेक्शन

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) सिर्फ यौन समस्या नहीं है। कई मामलों में यह आपके पूरे स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। ED अक्सर ब्लड सर्कुलेशन, हार्मोन और मस्तिष्क के न्यूरोलॉजिकल सिग्नल से जुड़ा होता है। इसलिए, यह कई गंभीर बीमारियों की शुरुआत का संकेत भी दे सकता है, जैसे:

  • डायबिटीज: शुगर लेवल का असंतुलन रक्त वाहिकाओं और नसों को नुकसान पहुंचाकर इरेक्शन में बाधा डाल सकता है।[5]
  • हृदय रोग: इरेक्शन के लिए पर्याप्त रक्त प्रवाह आवश्यक है। अगर रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज है, तो यह ED के रूप में पहले संकेत के तौर पर सामने आ सकता है।[4]
  • हार्मोनल असंतुलन: टेस्टोस्टेरोन की कमी या थायरॉइड जैसी समस्याएं यौन इच्छा और इरेक्शन को प्रभावित कर सकती हैं।[6]

इसलिए ED को केवल यौन समस्या मानकर नजरअंदाज करना गलत है। समय पर जांच और इलाज से न केवल यौन स्वास्थ्य सुधरता है, बल्कि दिल, हार्मोन और मेटाबोलिक स्वास्थ्य जैसी गंभीर बीमारियों को भी रोका जा सकता है।

ED को हेल्थ अलर्ट के रूप में देखें और इसे इग्नोर न करें। यह आपके शरीर के अंदर चल रही गंभीर समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है।

निष्कर्ष

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन एक आम लेकिन इलाज योग्य समस्या है। इसके लक्षणों को समझना और समय पर चिकित्सा सहायता लेना न केवल यौन जीवन को बेहतर बनाता है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। अगर आपको या आपके साथी को इरेक्शन से जुड़ी समस्याएं लगातार हो रही हैं, तो चुप रहने की बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सही कदम है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Erectile dysfunction को कैसे ठीक किया जा सकता है?

ED का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। लाइफस्टाइल सुधार, दवाइयाँ, थेरेपी और डॉक्टर की सलाह से इसे ठीक या नियंत्रित किया जा सकता है।

Erectile dysfunction से जूझ रहे व्यक्ति की मदद कैसे करें?

उससे खुलकर और बिना जज किए बात करें। भावनात्मक सपोर्ट दें और डॉक्टर से सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे erectile dysfunction है?

अगर बार-बार इरेक्शन पाने या बनाए रखने में दिक्कत हो रही है, तो यह ED का संकेत हो सकता है।

Erectile dysfunction का मुख्य कारण क्या होता है?

ED के कारण शारीरिक (डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम), मानसिक (तनाव, चिंता) या दोनों हो सकते हैं।

क्या कोई पुरुष erectile dysfunction से पूरी तरह ठीक हो सकता है?

हाँ। सही इलाज और कारण की पहचान से कई पुरुष ED से पूरी तरह या काफी हद तक ठीक हो जाते हैं।