नपुंसकता के लिए व्यायाम: कौन-से एक्सरसाइज इरेक्शन मजबूत करने में मदद करते हैं?
Written by Dr. Srishti Rastogi
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January 9, 2026
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संक्षेप
नपुंसकता या इरेक्टाइल डिसफंक्शन में इरेक्शन पावर बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका माना जाता है। कार्डियो एक्सरसाइज और पेल्विक फ्लोर (Kegel) व्यायाम पेनिस में ब्लड फ्लो सुधारकर इरेक्शन को मजबूत बनाते हैं। लाइफस्टाइल सुधार, तनाव कम करना और सही नींद भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। सही कारण की पहचान और नियमित अभ्यास से कई पुरुष ED से काफी हद तक या पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। लंबे समय तक समस्या रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी होता है।
नपुंसकता पुरुषों में होने वाली एक आम यौन समस्या है, जिसमें पुरुष संभोग के समय आवश्यक कड़ापन प्राप्त नहीं कर पाता या उसे बनाए नहीं रख पाता। यह समस्या केवल बढ़ती उम्र की वजह से नहीं होती, बल्कि आज की बिगड़ी हुई जीवनशैली, मानसिक तनाव, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय से जुड़ी बीमारियाँ भी इसके बड़े कारण हैं। आज के समय में बहुत से पुरुष इस समस्या से चुपचाप जूझ रहे हैं, लेकिन सही जानकारी और सही उपायों से इसमें सुधार संभव है। हालाँकि इलाज के लिए दवाइयाँ उपलब्ध हैं, लेकिन नियमित व्यायाम को नपुंसकता के लिए एक सुरक्षित, प्राकृतिक और असरदार उपाय माना जाता है। व्यायाम शरीर की अंदरूनी कमजोरी को दूर करता है और समस्या की जड़ पर काम करता है। इस लेख में हम जानेंगे कि नपुंसकता क्या है, व्यायाम इससे कैसे राहत देता है और कौन-से आसान व्यायाम नियमित करने से पुरुषों की यौन क्षमता बेहतर हो सकती है।
व्यायाम नपुंसकता में कैसे मदद करता है?
लिंग में कड़ापन आने के लिए वहाँ पर्याप्त खून का पहुँचना बहुत ज़रूरी होता है। जब रक्त नलिकाएँ कमज़ोर हो जाती हैं या उनमें रुकावट आ जाती है, तब यह समस्या पैदा होती है।[1]
- रक्त प्रवाह बेहतर होता है: व्यायाम से खून की नलिकाएँ फैलती हैं और लिंग तक खून आसानी से पहुँचता है, जिससे कड़ापन बेहतर होता है।[2]
- दिल और शरीर की सेहत सुधरती है: व्यायाम करने से वजन कम होता है, बीपी नॉर्मल रहता है, बॉडी में शुगर लेवल्स ठीक रहते हैं, और फैट और कोलेस्ट्रॉल कम होता है जो नपुंसकता के मुख्य कारण हैं।[3]
- पुरुष हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन) बढ़ता है: नियमित शारीरिक मेहनत से पुरुषों में शक्ति देने वाला हार्मोन बढ़ता है, जिससे यौन इच्छा और क्षमता दोनों में सुधार होता है।[4]
- सूजन और कमजोरी कम होती है: लगातार व्यायाम करने से शरीर की अंदरूनी सूजन कम होती है, जो नपुंसकता को बढ़ाने का काम करती है।
- पेल्विक मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं: लिंग के नीचे मौजूद खास मांसपेशियाँ कड़ापन बनाए रखने में मदद करती हैं। इनको मजबूत करने से सेक्स के समय नियंत्रण बेहतर होता है।
Allo asks
क्या आप 30 मिनट रोज़ाना व्यायाम करने के लिए तैयार हैं?
नपुंसकता के लिए सबसे असरदार व्यायाम
1. तेज़ चलना और दौड़ना
यह सबसे आसान और असरदार तरीका है। एक अध्ययन के अनुसार, रोज़ 30 मिनट तेज़ चलने से इरेक्टाइल फंक्शन में 41% तक सुधार देखा गया।[5] कैसे करें:
- रोज़ 30 से 40 मिनट तेज़ चाल से चलें
- सप्ताह में कम से कम 4 दिन चलें
- ऐसे चलें कि साँस थोड़ी तेज़ चले लेकिन आप बात करने लायक रहें।
2. साइकिल चलाना या तैरना
ये व्यायाम पूरे शरीर के खून के बहाव को सुधारते हैं और लिंग की रक्त नलिकाओं को मज़बूत बनाते हैं।
3. पेल्विक मांसपेशी व्यायाम (कीगल व्यायाम)
कैसे पहचानें: जिस मांसपेशी से आप पेशाब रोकते हैं, वही सही मांसपेशी है। कैसे करें:
- मांसपेशी को कसें
- 10 सेकंड रोकें
- फिर ढीला छोड़ें
- 10 से 12 बार दोहराएँ
- दिन में 2 से 3 बार करें
धीरे-धीरे बैठकर और खड़े होकर भी अभ्यास करें। शोध बताते हैं कि पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज ED में बेहद प्रभावी होती है। ये मांसपेशियाँ इरेक्शन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।[6]
4. शरीर की ताकत बढ़ाने वाले व्यायाम
जैसे:
- उठक-बैठक
- पुश-अप
- हल्का वजन उठाना (वेट ट्रेनिंग)
इनसे शरीर मज़बूत होता है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।[7]
इरेक्शन की ताकत रातों-रात नहीं बढ़ती। लेकिन नियमित व्यायाम से ब्लड फ्लो, हार्मोन और नर्व हेल्थ सुधरती है, जिससे समय के साथ इरेक्शन स्वाभाविक रूप से मजबूत होने लगता है।
व्यायाम से इरेक्टाइल डिसफंक्शन में लाभ कब दिख सकता है?
नपुंसकता में व्यायाम का असर धीरे-धीरे दिखाई देता है, क्योंकि यह शरीर की अंदरूनी कमजोरी को ठीक करता है। इसलिए नियमितता और धैर्य बहुत ज़रूरी है।[8]
- 1–2 महीने में: व्यायाम शुरू करने के कुछ हफ्तों बाद खून का बहाव बेहतर होने लगता है। थकान कम होती है और कुछ पुरुषों को कड़ापन पहले से थोड़ा बेहतर महसूस होने लगता है।
- 3 महीने में: लगभग तीन महीने तक नियमित व्यायाम करने पर साफ़ फर्क दिखने लगता है। सेक्स के समय कड़ापन बेहतर होता है, अधिक समय तक बना रहता है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
- 6 महीने में: छह महीने तक लगातार व्यायाम करने से शरीर में स्थायी सुधार होता है। रक्त नलिकाएँ मज़बूत होती हैं और यौन क्षमता लंबे समय तक बनी रहती है।
- रात के समय कड़ापन लौटना: कुछ पुरुषों में रात या सुबह के समय इरेक्शन वापस आने लगता है, जो इस बात का संकेत है कि शरीर सही दिशा में सुधर रहा है।
ध्यान रखें: हर व्यक्ति में सुधार की गति अलग हो सकती है, इसलिए जल्दी परिणाम की उम्मीद न करें और व्यायाम को नियमित बनाए रखें।
क्या दवा के साथ व्यायाम किया जा सकता है?
- दवा का असर बेहतर तरीके से काम करता है
- लिंग तक खून पहुँचने की क्षमता बढ़ती है
- लंबे समय में इरेक्शन अधिक मज़बूत और स्थिर होता है
- दवा पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो सकती है
खासकर उन पुरुषों में, जिन्हें यह समस्या लंबे समय से है या जिन्हें शुगर, हाई बीपी या हृदय से जुड़ी परेशानी है, वहाँ केवल दवा काफी नहीं होती। ऐसे मामलों में व्यायाम दवा के असर को सहारा देता है। हालाँकि, किसी भी दवा को शुरू करने या बदलने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए, और व्यायाम को नियमित और संतुलित रखना चाहिए।
किन लोगों को व्यायाम या इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है?
हालाँकि व्यायाम नपुंसकता में लाभदायक होता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए बिना सलाह के व्यायाम शुरू करना सुरक्षित नहीं होता। ऐसे पुरुषों को पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए:
- जिन्हें शुगर हो: शुगर में नसों और रक्त नलिकाओं पर असर पड़ता है। डॉक्टर की सलाह से सही व्यायाम और इंटेंसिटी तय करना ज़रूरी होता है।
- जिन्हें हृदय रोग या हाई बीपी हो: तेज़ व्यायाम करने से हृदय पर दबाव पड़ सकता है, इसलिए सुरक्षित सीमा जानना ज़रूरी है।
- जिन्हें बहुत ज़्यादा कमजोरी या चक्कर आने की समस्या हो: ऐसे मामलों में गलत या अचानक व्यायाम नुकसान पहुँचा सकता है।
- जिन्हें व्यायाम के दौरान साँस फूलती हो या सीने में दर्द होता हो: यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
डॉक्टर की सलाह से न केवल सही इलाज मिलता है, बल्कि व्यायाम भी सुरक्षित और असरदार तरीके से किया जा सकता है।
व्यायाम के साथ किन ज़रूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए?
नपुंसकता में व्यायाम से सही लाभ पाने के लिए कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। केवल कभी-कभी व्यायाम करने से पूरा फायदा नहीं मिलता।
- व्यायाम नियमित करें: रोज़ या तय दिनों पर व्यायाम करना सबसे ज़रूरी है। लंबे समय तक लगातार अभ्यास करने से ही शरीर में स्थायी सुधार आता है।
- जल्दी परिणाम की उम्मीद न करें: व्यायाम धीरे-धीरे असर दिखाता है। इसमें समय लगता है, इसलिए धैर्य रखें और बीच में अभ्यास न छोड़ें।
- सिगरेट और शराब से दूरी रखें: ये दोनों चीज़ें खून के बहाव को नुकसान पहुँचाती हैं और व्यायाम के असर को कम कर देती हैं।
- संतुलित और हल्का खाना खाएं: ताज़ा, पोषक और कम तला-भुना खाना शरीर को मज़बूती देता है और व्यायाम के लाभ को बढ़ाता है।
- तनाव कम करने की कोशिश करें: ज़्यादा तनाव और चिंता यौन कमजोरी को बढ़ाती है। पर्याप्त नींद, ध्यान और शांत दिनचर्या मददगार होती है।
इन बातों को अपनाकर व्यायाम का असर कई गुना बेहतर हो सकता है और यौन स्वास्थ्य के साथ-साथ पूरा शरीर भी स्वस्थ रहता है।
निष्कर्ष
नपुंसकता कोई लाइलाज या शर्म की बात नहीं है। यह एक आम समस्या है, जिसमें सही जानकारी और सही तरीकों से सुधार संभव है। नियमित व्यायाम शरीर की अंदरूनी कमजोरी को दूर करता है और लिंग तक खून के बहाव को बेहतर बनाता है, जिससे धीरे-धीरे यौन क्षमता में सुधार आता है। चाहे दवा ली जाए या न ली जाए, व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करना बहुत ज़रूरी है। व्यायाम के साथ धैर्य रखना और नियमित बने रहना सबसे अहम है, क्योंकि इसका असर धीरे-धीरे लेकिन स्थायी होता है। सही व्यायाम, संतुलित भोजन और तनाव से दूर जीवनशैली अपनाकर न सिर्फ यौन जीवन बेहतर बनाया जा सकता है, बल्कि पूरे शरीर की सेहत भी सुधारी जा सकती है। यही कारण है कि नपुंसकता के इलाज में व्यायाम को एक सुरक्षित और प्रभावी उपाय माना जाता है।
डिस्क्लेमर
निम्नलिखित ब्लॉग लेख सामान्य स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए व्यायाम और इसके संभावित लाभों पर चर्चा करता है। हालांकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि प्रदान की गई जानकारी केवल सामान्य शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और इसे व्यक्तिगत व्यायाम सलाह या किसी योग्य फिटनेस पेशेवर या स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से पेशेवर मार्गदर्शन का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी व्यायाम कार्यक्रम को शुरू करने या संशोधित करने से पहले, एक योग्य फिटनेस पेशेवर से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है। इस लेख में प्रस्तुत जानकारी हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकती है, क्योंकि व्यक्तिगत फिटनेस स्तर, स्वास्थ्य स्थितियां और सीमाएं काफी भिन्न हो सकती हैं। एक योग्य फिटनेस पेशेवर आपकी विशिष्ट फिटनेस आवश्यकताओं का आकलन कर सकता है, किसी भी चिकित्सा संबंधी चिंताओं या सीमाओं पर विचार कर सकता है, और वैयक्तिकृत सिफारिशें और व्यायाम योजनाएं प्रदान कर सकता है जो आपके लिए सुरक्षित और प्रभावी हैं। व्यायाम सहित शारीरिक गतिविधि में भाग लेने से अंतर्निहित जोखिम होते हैं। अपने शरीर की बात सुनना, अपनी व्यक्तिगत सीमा के भीतर व्यायाम करना और असुविधा या संभावित चोट के किसी भी लक्षण के प्रति सचेत रहना महत्वपूर्ण है। यदि आपको व्यायाम के दौरान कोई दर्द, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ या अन्य संबंधित लक्षणों का अनुभव होता है, तो तुरंत रुकना और यदि आवश्यक हो तो चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है। इस लेख में उल्लेखित व्यायाम या गतिविधि विशिष्ट चिकित्सा स्थितियों, चोटों या शारीरिक सीमाओं वाले व्यक्तियों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इरेक्शन पावर कैसे बढ़ाई जा सकती है?
इरेक्शन पावर बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम, वजन कंट्रोल, तनाव कम करना और सही नींद ज़रूरी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा भी मदद कर सकती है।
Erectile dysfunction के लिए सबसे अच्छा व्यायाम कौन-सा है?
पेल्विक फ्लोर (Kegel) एक्सरसाइज सबसे असरदार मानी जाती है। इसके साथ तेज़ चलना, दौड़ना और साइक्लिंग भी ब्लड फ्लो सुधारती है।
क्या 25 साल के बाद पेनिस बढ़ सकता है?
प्राकृतिक रूप से पेनिस की लंबाई 25 साल के बाद नहीं बढ़ती। हालाँकि, इरेक्शन मजबूत होने से आकार बेहतर महसूस हो सकता है।
पेनिस में ब्लड फ्लो कैसे बढ़ाया जाए?
नियमित कार्डियो एक्सरसाइज, धूम्रपान छोड़ना और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना मदद करता है। यह इरेक्शन की गुणवत्ता को सीधे सुधारता है।
क्या कोई पुरुष erectile dysfunction से ठीक हो सकता है?
हाँ। सही कारण की पहचान और इलाज से कई पुरुष ED से पूरी तरह या काफी हद तक ठीक हो जाते हैं। लाइफस्टाइल बदलाव इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं।
Sources
- 1.
Erectile Dysfunction (ED)
- 2.
5 natural ways to overcome erectile dysfunction
- 3.
Effectiveness of Low to Moderate Physical Exercise Training on the Level of Low-Density Lipoproteins: A Systematic Review
- 4.
Benefits of Physical Activity
- 5.
Increased walking pace reduces the rate of erectile dysfunction: results from a multivariable Mendelian randomization study
- 6.
Randomised controlled trial of pelvic floor muscle exercises and manometric biofeedback for erectile dysfunction
- 7.
Effects of progressive resistance training on growth hormone and testosterone levels in young and elderly subjects
- 8.
Erectile dysfunction: A sign of heart disease?
- 9.
Erectile Dysfunction: AUA Guideline (2018)